
महंगी चीनी के विरोध में महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, हाथों पर मेहंदी से लिखी ‘चीनी’

बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार चीनी 70 पार के लगाए नारे,किया भाजपा सरकार का जमकर विरोध
खंडवा। बढ़ती महंगाई के विरोध में गांधी भवन में महिलाओं ने शुक्रवार 22 अगस्त को अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी से ‘चीनी’ लिखकर महंगी होती चीनी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और ऐसे समय में चीनी के दाम बढ़ने से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। त्योहारों के समय घरों में मिठाइयां और अन्य पकवान बनाए जाते हैं, लेकिन महंगाई के कारण महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “चीनी अब खाने लायक तो बची नहीं है, क्योंकि यह इतनी महंगी हो गई है। इसलिए हमने इसे हाथों पर लिखकर संरक्षित करने का काम किया है।” महिलाओं ने कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इस दौरान महिलाओं ने “बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार चीनी 70 पार” सहित अन्य नारे लगाकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है और महंगाई का सबसे अधिक असर गृहणियों पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से चीनी सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम कम करने की मांग की गई।
सुनीता सकरगाए ने इस अवसर पर कहा कि चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने आम गृहिणियों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।रक्षाबंधन जैसे त्योहार के समय चीनी महंगी होने से महिलाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।सरकार को जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती करते हुए चीनी के दाम तत्काल नियंत्रित करने चाहिए।
महिला कांग्रेस मांग करती है कि आम जनता को राहत देने के लिए चीनी उचित और सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाए।
श्रद्धा नाइक ने कहा कि हम जमा हुए थे हरियाली महोत्सव के लिए। पर जैसे सभी को पता है कि जो चीनी के भाव बढ़े हैं, अभी 70 के पार हो गया है और चीनी ऐसी चीज़ है जो सभी के घर में यूज़ होती है। जैसे कि अभी त्यौहार आने वाले हैं, तो कोई मेहमान आता है तो हम उसे ज़ाहिर सी बात है कोई भी चाय बनाकर पिलाता है। मुझे ऐसा लगता है चीनी का जो भाव हो रहा है, तो उससे शायद चाय से तो चीनी कम हो ही जाएगी, बट हम लोगों ने हाथ पर लिखकर यह बताया है कि चीनी बहुत ज़्यादा महंगी हो गई है, यह शायद चाय में तो नहीं नज़र आएगी।”
हेमलता पालीवाल ने कहा कि आज हम गांधी भवन में एकत्रित हुए थे हरियाली उत्सव मनाने के लिए, पर सभी बहनों का कहीं न कहीं यह बात कहने में आ रही थी कि रक्षाबंधन का त्यौहार नजदीक आया है। एक ओर कहा कि पेट्रोल के अंदर इथेनॉल मिलाएंगे तो पेट्रोल सस्ता हो जाएगा, वह तो सस्ता नहीं हुआ पर चीनी महंगी हो गई। तो त्यौहारों पर यदि इस तरह का… त्यौहारों में मिठास कम हो गई है और अब रक्षाबंधन पर सभी बहने यह कह रही हैं कि हम अगर महंगाई बढ़ गई है तो भाइयों को मिठाई कैसे खिलाएंगे।”
रचना तिवारी ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि वो पुराने दिन बहुत ज्यादा अच्छे थे जब हम 35 या 40 रुपये किलो की शक्कर खाया करते थे, 65 रुपये का पेट्रोल डलवाया करते थे।यह लगातार जिस तरह से… इधर लाड़ली बहनों को 250 रुपये का तोहफा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी बहनों को इस तरह का आर्थिक बोझ जो दिया जा रहा है और भर त्योहारों पर बसों का किराया बढ़ा दिया गया। वहीं लगातार अब यह शक्कर महंगी कर दी है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमलता पालीवाल, सुनीता सकरगाए, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रचना तिवारी,मीनू मंडलोई, मीरा व्यास, मीना वर्मा, प्रतिभा कसेरा ,ज्योति आर्या ,ललिता आर्या ,आशी सिलावट, मुमताज बी ,श्रद्धा जिभेंकर ,हेमलता ठाकुर, सुनीता रायकवार ,जाहन्वी रायकवार सहित अन्य महिलाएं गांधी भवन में उपस्थित थी।













